Poems आज़ादी आज़ादी प्रेम का बीज प्रेम का बीज एक सा नीरस होता है एक सा नीरस होता है मै शर्मिंदा हूँ मै शर्मिंदा हूँ सवाल पूछा करो सवाल पूछा करो इक्कीसवीं सदी का भारत इक्कीसवीं सदी का भारत किताबें पढ़ते हो ? किताबें पढ़ते हो ?