Peeli Chatri Wali Ladki
पीली छतरी वाली लड़की, उदय प्रकाश जी के एक बेहतरीन किताब जो यूनिवर्सिटी के प्रेम के बारे मे और थोड़ा कुछ और है.
पीली छतरी वाली लड़की, उदय प्रकाश जी के एक बेहतरीन किताब जो यूनिवर्सिटी के प्रेम के बारे मे और थोड़ा कुछ और है.
रवीश कुमार की ये किताब भारत में अभिव्यक्ति की आज़ादी पर जो पाबन्दी लगाई जा रही है उस पर एक नज़र डालती है। ये पाबन्दी क्यों लगाई जा रही है ? कौन लगा रहे हैं? क्यों लगा रहे हैं? इन सब के बीच प्रेस की क्या भूमिका है और क्या वह अपनी भूमिका का सही से पालन कर रहा है या सत्ता के साथ मिलकर जनता की आवाज़ को कुचलने में मदद कर रहा है? इन्ही सब सवालों को पूछती और उनका उत्तर ढूंढ़ती है ये किताब।
कमलेश पांडे जी ने गुलज़ार साहेब के बारे में एक फंक्शन में कुछ कहा था। वो शुरू ऐसे हुआ था , ” सवाल ये उठा कि गुलज़ार को पढ़ें कि सुनें , देखें कि गुनगुनाएं, आखिर गुलज़ार को पाएं तो कहाँ पाएं ?
गुलज़ार को उनकी फिल्मों में ढूंढो , तो शायरी में मिलते हैं , शायरी में तलाश करो तो अपनी कहानियों में बरामद होते हैं , कहानियों में तलाश करो तो ……..”
मतलब ये कि कलम और कला के जादूगर। फिलहाल उनकी कविताओं और शायरी में खोजते है उनको।