Peeli Chatri Wali Ladki
पीली छतरी वाली लड़की, उदय प्रकाश जी के एक बेहतरीन किताब जो यूनिवर्सिटी के प्रेम के बारे मे और थोड़ा कुछ और है.
पीली छतरी वाली लड़की, उदय प्रकाश जी के एक बेहतरीन किताब जो यूनिवर्सिटी के प्रेम के बारे मे और थोड़ा कुछ और है.
लिहाफ़ – इस्मत चुगताई की कहानियों का संग्रह है। उनकी कहानियों के होकर आप उस दौर के सामाजिक परिवेश में महिलाओं की मनोदशा को समझ पाते हैं।
समय से मुठभेड़ अदम गोंडवी की ग़ज़लों का एक बेहतरीन संग्रह है। उनकी शायरी ने हमेशा शोषित और वंचित लोगों के लिए आवाज़ उठाई है।
साये में धूप दुष्यंत कुमार का प्रसिद्ध ग़ज़ल-संग्रह है, जिसमें सत्ता से निराशा, आम आदमी की पीड़ा, भ्रष्टाचार और सामाजिक-राजनीतिक प्रतिरोध की आवाज़ दिखाई देती है।
हरिशंकर परसाई जी एक ऐसे व्यंगकार थे जिनकी कलम से लिखे व्यंग बहुत गहरी मार करते हैं । उन्होंने हमेशा सामाजिक व् राजनैतिक जीवन के दोगलेपन , चाटुकारिता और ढोंग के बारे में खुलकर लिखा। उनके रचित व्यंग मात्र हंसी ठिठोली से कहीं अधिक होते हैं जो आपको मुस्कुराने के अलावा गम्भीरता से सोचने पर मजबूर करते हैं।
आधा गाँव एक उपन्यास जो उत्तर प्रदेश के शिया मुसलमान बाहुल्य एक गाँव की कहानी है। दौर है सन 1947 का , जब राजनैतिक उथल-पुथल अपने चरम पर है। कांग्रेस और मुस्लिम लीग में तना तानी चल रही है और देश बंटवारे के दौर से गुज़र रहा है। ग्रामीण जीवन तथा बदलते राजनैतिक परिवेश में उसके यतार्थ को दर्शाता एक बेहतरीन उपन्यास।
गोदान – मुंशी प्रेमचंद का विश्व प्रसिद्ध उपन्यास है जो कई भाषाओँ में अनुवादित किया जा चुका है। गोदान कहानी है जीवन के संघर्षों की और उनसे झूझते हुए एक इंसान और उसके परिवार की। साथ ही कहानी है समाज और उसमे फैले विसंगतिंयों
परसाई जी का व्यंग संग्रह जो उन्होंन उन्होंने आपातकाल और उसके बाद के राजनैतिक और सामाजिक मूल्यों के पतन के ऊपर लिखा है।
हरिशंकर परसाई जी एक ऐसे व्यंगकार थे जिनकी कलम से लिखे व्यंग बहुत गहरी मार करते हैं । उन्होंने हमेशा सामाजिक व् राजनैतिक जीवन के दोगलेपन , चाटुकारिता और ढोंग के बारे में खुलकर लिखा। उनके रचित व्यंग मात्र हंसी ठिठोली से कहीं अधिक होते हैं जो आपको मुस्कुराने के अलावा गम्भीरता से सोचने पर मजबूर करते हैं।