Fiction

Book Review of Aadha Gaon_Rahi Masoom Raza

आधा गाँव

आधा गाँव एक उपन्यास जो उत्तर प्रदेश के शिया मुसलमान बाहुल्य एक गाँव की कहानी है। दौर है सन 1947 का , जब राजनैतिक उथल-पुथल अपने चरम पर है। कांग्रेस और मुस्लिम लीग में तना तानी चल रही है और देश बंटवारे के दौर से गुज़र रहा है। ग्रामीण जीवन तथा बदलते राजनैतिक परिवेश में उसके यतार्थ को दर्शाता एक बेहतरीन उपन्यास।

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Book review of Godaan a novel by Munshi Premchand available on www.bookspoetryandmore.com

Godaan

गोदान – मुंशी प्रेमचंद का विश्व प्रसिद्ध उपन्यास है जो कई भाषाओँ में अनुवादित किया जा चुका है। गोदान कहानी है जीवन के संघर्षों की और उनसे झूझते हुए एक इंसान और उसके परिवार की। साथ ही कहानी है समाज और उसमे फैले विसंगतिंयों

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Cover of the book "Chabbees Kahaniyan" by Shivani - Hindi Fiction

छब्बीस कहानियाँ

छब्बीस कहानियाँ – शिवानी जी की लघु कथाओं का संग्रह है। इसमें कुमाऊँ के पहाड़ों और वहां के लोगों की कहानियां हैं और कहानियां हैं उन सब शहरों की और वहां रहने वाले लोगों की जहाँ – जहाँ शिवानी जी रहीं।

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Viklang Shardha Ka Daur by Harishankar Parsai

विकलांग श्रद्धा का दौर

परसाई जी का व्यंग संग्रह जो उन्होंन उन्होंने आपातकाल और उसके बाद के राजनैतिक और सामाजिक मूल्यों के पतन के ऊपर लिखा है।

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Cover of nithalle ki diary on BooksPoetry&More

निठल्ले की डायरी

हरिशंकर परसाई जी एक ऐसे व्यंगकार थे जिनकी कलम से लिखे व्यंग बहुत गहरी मार करते हैं । उन्होंने हमेशा सामाजिक व् राजनैतिक जीवन के दोगलेपन , चाटुकारिता और ढोंग के बारे में खुलकर लिखा। उनके रचित व्यंग मात्र हंसी ठिठोली से कहीं अधिक होते हैं जो आपको मुस्कुराने के अलावा गम्भीरता से सोचने पर मजबूर करते हैं।

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